Monday, November 14, 2016

मोदी जी ने क्रियान्वित किया नेता जी 'बोस' का मिशन |




मोदीजी ने क्रियान्वित किया नेताजी श्री सुभाषचन्द्र बोस जी का मिशन :


अपने जीवन के टेक्स चोरों, कालेधन के जमाखोरों, धोखाधड़ी के षड़यंत्रकारी, विभाजन एवं विनाशकारी देश के गद्दारों ने भारत को विदेशी डचों, पुर्तगालियों, यूनानियों, मुगलों एवं ब्रिटिश के अंग्रेजों का हजारों वर्षों तक गुलाम बनाकर रखा और इन्हीं गद्दारों ने भारत को विगत सत्तर वर्षों से अपना गुलाम बनाकर रखा नेताजी श्री सुभाषचन्द्र बोस ने भारत से अंग्रेजों को भगाने की अपनी योजना के तहत देश के सभी थलमार्ग, वायुमार्ग एवं जलमार्ग बन्द करवा दिये थे | इससे घबराकर आनन-फानन में ब्रटिश के अंग्रेजों ने एक झटके में भारत को छोड़ दिया था और वे किसी तरह से अपनी जान बचाकर भारत छोड़कर भाग गये थे | 15 अगस्त सन् 1942 को सिंगापुर में नेताजी श्री सुभाषचन्द्र बोस जी ने देश की स्वतंत्रता, आजादी व मुक्तता का तिरंगा लहरा दिया था | नेताजी श्री सुभाषचन्द्र बोस की अगली योजना देश के गद्दारों को भारत से निकाल बाहर करने की थी | ये वे गद्दार थे जो देश के विभाजनकारी एवं विनाशकारी, धोखाधड़ी के षड़यंत्रकारी तथा अपने जीवन के टैक्सचोर व इस कालेधन के जमाखोर थे | नेताजी श्री सुभासचन्द्र बोस जी देश की थलसेना, वायुसेना एवं जलसेना को अत्यंत आधुनिक एवं विश्वविजयी सैन्यशक्तिशाली भारतीय सेना बनाना चाहते थे | तथा देश एवं विदेशों में जमा सम्बंधित भारतीय गद्दार नागरिकों का समस्त कालाधन देश के खजाने में जमाकर देश को स्मृद्धिशाली, वैभवशाली एवं विश्वविजयी सैन्यशक्तिशाली बनाकर देश का पुनर्निमाण करना चाहते थे | देश के प्रत्येक नागरिक को नेकनियति व नेकनीति का आदर्शगौरवशाली, महानप्रतिभाशाली एवं महानतम् मर्यादाशाली, अपराधमुक्त एवं रोजगारयुक्त, शिक्षित सभ्य भारतीय नागरिक बनाना चाहते थे |
   देश के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रनाथ दामोदरदास मोदी जी देश की तीनों सेनाओं को अत्याधुनिक एवं विश्वविजयी बनाने में तथा राष्ट्र की प्रगति एवं विकास में और भारतीय जनजीवन को अपराधमुक्त एवं रोजगारयुक्त बनाने में प्रयासरत् हैं | इस काम के लिये धन की जरूरत है जो देश के सम्बंधित गद्दारों के पास स्वदेश एवं विदेशों में जमा हैं | उसे बाहर निकालने के लिये देश के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री मोदीजी ने वर्तमान नोट करेंसी को प्रतिबंधित कर परिवर्तित नोट करेंसी जारी करवा दी है जिससे कि देश के सम्बंधित गद्दारों को चिन्हित किया जाकर उनके पास देश में जमा कालाधन बसूला जा सके और भारतीय सेना को अत्याधुनिक एवं विश्वविजयी   सैन्यशक्तिशाली बनाया जाकर देश के प्रत्येक नागरिक को वफादार एवं ईमानदार, अपराधमुक्त एवं रोजगारयुक्त बनाया जा सके | अत: देश के प्रत्येक वफादार एवं ईमानदार भारतीय नागरिक को चाहिये कि वह अपने देश की फौज को मजबूत बनाने के लिये अपनी मौज की चिंता करना त्याग दे | देश के इन मुट्ठीभर गद्दारों की वजह से ही भारत सरकार को नोट करेंसी बदलनी पड़ रही है और देश के वफादार, ईमानदार नागरिकों को इन गद्दारों की वजह से तकलीफ उठानी पड़ रही है| लिहाजा देश के प्रत्येक वफादार व ईमानदार नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह देश की व अपनी सुरक्षा की खातिर भारत सरकार का सहयोग करें | जिस प्रकार नेताजी श्री सुभाषचन्द्र बोस जी ने देश के खातिर अपना परिवारिक सुख त्याग दिया उसी प्रकार श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी अपना परिवारिक सुख त्यागा हुआ है | श्री मोदी जी जो कुछ भी कर रहे हैं क्या वह अपने निजिहित में कर रहे हैं वो तो सब राष्ट्रहित में कर रहे हैं और हर अच्छे कार्य के लिये कस्ट तो उठाना ही पड़ता है | देश की जनता ने कांग्रेस पार्टी के आवाहन पर विगत सत्तर साल दिये तो मोदी जी के आवाहन पर पचास दिन देने में क्या दिक्कत है ? देश के प्रत्येक नागरिक से क्या पाकिस्तान व चीन का खेल छिपा हुआ है ?  मोदीजी ने देश की तीनों सेनाओं को पहले से ही सचेत कर दिया है कि देश के अंदर एवं बाहर कोई भी गद्दार न आ सके और न जा सके | श्री मोदी जी ने अपनी विदेश नीति के तहत विश्व के समस्त सम्बंधित देशों से ऐसे समझोते किये हैं जिन्हें आजतक विगत सत्तर वर्षों में कोई नहीं कर पाया | देश के प्रत्येक नागरिक को अपने वर्तमान प्रधानमंत्री पर गर्व होना चाहिये, उनका मनोबल बढ़ाना चाहिये और उनका साथ देना चाहिये | देश के जागरूक नागरिकों को ऐसे गद्दार लोगों के भड़काने में नहीं आना चाहिये जो अपने जीवन के टैक्सचोर व कालेधन के जमाखोर, धोखाधड़ी के षड़यंत्रकारी तथा देश के विभाजनकारी एवं विनाशकारी हैं जिनकी अब खैर नही | जिस प्रकार नेताजी ने देश को बाहरीरूप से स्वतंत्र, आजाद एवं मुक्त कराया है उसी प्रकार मोदीजी देश को आंतरिक रूप से स्वतंत्र,आजाद व मुक्त कराने में तथा आतंक, भ्रष्टाचार एवं दुराचार को समूल मिटाने में पूर्ण रूप से कार्यरत् हैं और उनका यह नेक नियति व नेकनीति का प्रयास सराहनीय है |

आकांक्षा सक्सेना
ब्लॉगर समाज और हम

Thursday, November 10, 2016

फिर से बनेगा भारत 'सोने की चिडिया'




राष्ट्रहित में :  भ्रष्टाचारमुक्त भारत बने 


चुनावी प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति

अगर ऐसा हो तो.....


"मोबाइल से ही डाल सकें वोट तो"


देश में ऐसी चुनावी तकनीकि इजात हो या सोफ्टवेयर या मोबाइल ऐप बनायी जाये जो सभी भारतीय वोटर के मोबाइल में हो जिससे प्रत्येक भारतीय वोटर कहीं से भी अपने मोबाइल से अपना वोट डाल सके | इससे भारत सरकार का चुनावी प्रक्रिया में खर्च होने वाला भारी धन बचेगा तथा चुनावी ड्यूटी में लगे सरकारी अध्यापकों का पठन-पाठन कार्य में व्यवधान नही होगा | इससे चुनावी माहौल में पूरे देश में शांति रहेगी | इससे चुनावी प्रक्रिया भ्रष्टाचारमुक्त, शांतिपूर्ण व निष्पक्ष, पारदर्शी और पूर्ण वोटिंग हो सकेगी |

 अब मोबाइल से वोट पड़े
  अब ऐसा प्रयास हो ...


( देश के समस्त मंदिरों में लोग फल , फूल व प्रसाद चढ़ायें तथा देश के सम्बंधित मंदिरों में जमा बतौर महादान अकूत सोना चाँदी इत्यादि कालाधन भारत सरकार देश के खजाने में जमा करवायें और भारत को पुन: सोने की चिडिया बनायें | )

धन्यवाद

आकांक्षा सक्सेना
ब्लॉगर समाज और हम 

Tuesday, November 8, 2016

शायरी / Shayri Wallpaper










नागरिकता प्रमाणपत्र की अनिवार्यता :


सवा सौ करोड़ लोग कहाँ के प्रमाणित 

नागरिक ? 

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सर्वसुलभ हो भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र व पहिचानपत्र

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भारत के सम्बंधित लोगों को उनकी पहिचान का आधार कार्ड  सुलभ करवाया गया है जिसमें स्पष्ट लिखा है कि यह नागरिकता की पहिचान नहीं | यह कितने अचरज की बात है कि देश के सवा सौ करोड़ लोगों को अपने ही देश भारत की नागरिकता का प्रमाणपत्र व पहिचानपत्र ही प्राप्त नहीं करवाया गया है | जिसे प्राप्त करवाया जाना भारतीय जनजीवनहित में व उनके न्यायहित में हर हालत में अनिवार्य एवं परमावश्यक है | देश के प्रत्येक जागरूक नागरिक को, संस्था को, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडियाकारों को, देश की केन्द्र सरकार एवं सर्वोच्च न्यायपालिका को इस गम्भीर मामले में तुरन्त कार्यवाही करनी चाहिये और देश के प्रत्येक नागरिक को भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र व पहिचानपत्र प्राप्त करवाना चाहिये | देश की निचली व ऊँची अदालतों में करीब साढ़े तीन करोड़ मुकदमें विचाराधीन है | वे सब इसी दस्तावेज के अभाव के कारण हैं | इन मामलों को निपटाने के लिये देश की वर्तमान केन्द्र सरकार रिटायर्ड न्यायाधीशों की नियुक्ति करने की सोच रही है | ऐसा प्रतीत होता है कि भविष्य में केन्द्र सरकार राज्यपालों की भांति न्यायालयों में भी अपने नेताओं को न्यायपाल बनाकर भर्ती करे और अपने बचाव में मनमाने फैसले करवाये | यदि भविष्य में ऐसा हुआ तो भला कौन न्याय पर विश्वास करेगा | यह कितने अचरज की बात है कि देश की वर्तमान केन्द्र सरकार को जो संचालित करवा रहा है वह भारत का राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ परिवार संगठन स्वंय ही पंजीकृत वैधानिक,बीमाकृत संवैधानिक व लाईसैंसीकृत कानूनी सर्वोच्च न्यायिक संस्था नहीं है | देश की यह हालत है अंधे पीस रहे और.....खा रहे हैं | अंधेर नगरी और चौपट राजा वाला खेल जारी है | अन्यथा यह देश विश्व की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अब तक मुखिया होता और देश में सभ्य भारतीय समान नागरिक आचारसंहिता क्रियान्वित होती जिसकी विश्वव्यापी प्रमाणित शाख होती | देश के प्रत्येक नागरिक का जीवन शिक्षित, रोजगारयुक्त, न्याययुक्त व अपराधमुक्त होता |
    भारतीय संविधान में दिये समानता के अधिकार के तहत भारतीय नागरिकों के विवाह, जन्म व मृत्यु के पंजीकरण, बीमाकरण व लाईसेंसीकरण के अधिनियमों के तहत संचालित भारतीय नागरिकों के विवाह, जन्म व मृत्यु के पंजीकरण, बीमाकरण व लाईसैंसीकरण के सर्वोच्चन्यायिक अभिलेखानुसार पंजीकृत वैधानिक, बीमाकृत संवैधानिक व लाईसैंसीकृत कानूनी सर्वोच्चन्यायिक प्रमाणितरूप से विवाहित, जन्में व मृतक स्त्री, पुरूष व किन्नर भारतीय नागरिक व्यक्ति की समदर्शी, पारदर्शी व सर्वोच्चन्यायिक स्पष्ट परिभाषा देश के प्रत्येक नियम, व अधिनियम व कानून में दर्ज की जानी भारतीय जनजीवनहित में व उनके न्यायहित में अनिवार्य एवं परमावश्यक है |
      देश के प्रत्येक विवाहित, जन्में व मृतक स्त्री, पुरूष व किन्नर भारतीय नागरिक के विवाह, जन्म व मृत्यु का पंजीकरण राजस्वकर, बीमाकरण वित्तकर व लाईसैंसीकरण आयकर भारत के राजकोष, वित्तकोष व आयकोष में जमा करवाया जाना भारतीय जनजीवनहित में व उनके न्यायहित में अनिवार्य एवं परमावश्यक है जिससे कि यह जीवन की टैक्स चोरी का काला धन किसी के भी पास जमा न हो सके | देश के गद्दार धोखाधड़ी के षड़यंत्रकारियों, जीवन के टैक्सचोरों व इस कालेधन के जमाखोरों का पूर्वनियोजित इस धोखाधड़ी का षड़यंत्र नष्ट हो सके | देश के प्रत्येक विवाहित, जन्में व मृतक स्त्री, पुरूष व किन्नर भारतीय नागरिक को उसकी विवाहित होने का, पैदा होने का व मृतक होने का उसके विवाह, जन्म व मृत्यु का पंजीकृत वैधानिक, बीमाकृत संवैधानिक व लाईसैंसीकृत कानूनी भारतीय उत्तराधिकारित, राष्ट्रीय मानवाधिकारित व भारतीय सर्वोच्चन्यायिक प्रमाणपत्र व पहिचानपत्र प्राप्त करवाया जाना भारतीय जनजीवनहित में व उनके न्यायहित में अनिवार्य एवं परमावश्यक है जिससे कि भारतीय जनजीवन की दस्तावेजी लावारिसी उन्मूलित हो सके और कोई भी किसी का भी फर्जी उत्तराधिकारी न बन सके तथा कोई भी किसी की रियासत, विरासत व मिल्कियत को  तथा उसके पूर्व निर्धारित अधिकार व कर्तव्य को हड़प न सके |
    भारतीय नागरिकों के पहिचान के सभी प्रकार के राजनीतिक समाजी सरकारी व मतकारी, आर्थिक समाजी अर्द्धसरकारी व कर्मचारी एवं सामाजिक समाजी निजीकारी व श्रमकारी दस्तावेजों में दाखिल एवं खारिज देश के प्रत्येक विवाहित, जन्में व मृतक स्त्री, पुरूष व किन्नर भारतीय नागरिक की विवाहतिथि, जन्मतिथि व मृत्युतिथि की वैधानिक पंजीकृत संख्या, संवैधानिक बीमाकृत संख्या व कानूनी लाईसैंसीकृत संख्या सम्बंधित संयुक्त कार्यालय के अभिलेखानुसार जारी उपरोक्त प्रमाणपत्र व पहिचानपत्र के अनुसार दर्ज की जानी भारतीय जनजीवनहित में व उनके न्यायहित में अनिवार्य एवं परमावश्यक है जिससे कि देश का प्रत्येक नागरिक पंजीकृत वैधानिक आदर्श गौरवशाली सरकारी व मतकारी राजनीतिक समाज का, बीमाकृत संवैधानिक महान प्रतिभाशाली अर्द्धसरकारी व कर्मचारी आर्थिक समाज का एवं लाईसैंसीकृत कानूनी महानतम् मर्यादाशाली निजीकारी व श्रमकारी सामाजिक समाज का स्मृद्धिशाली, वैभवशाली एवं विश्व विजयी सैन्यशक्तिशाली सभ्यभारतीय नागरिक बन सके और उसे इस आशय का अपने भारतीय नागरिक होने की प्रमाणिक पहिचान का भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र व पहिचानपत्र प्राप्त हो सके | जिससे कि यह सिद्ध हो सके कि भारत में रह रहे वर्तमान में सवा सौ करोड़ लोग भारत के ही सर्वोच्चन्यायिक प्रमाणित सभ्य भारतीय नागरिक हैं |
     जिससे कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को अपने सृजनशील जीवन का उद्देश्य पूरा किये जाने हेतु उसे उसकी इच्छा व शिक्षा योग्यतानुसार बिना किसी बाधा के समान सरकारी व मतकारी, अर्द्धसरकारी व कर्मचारी एवं निजीकारी व श्रमकारी आजीविका व पैंसन तथा समान बुनियादी सेवायें व सुविधायें अनिवार्य एवं परमावश्यकरूप से प्राप्त हो सकें जिससे कि राष्ट्र के अंदर एवं बाहर का आतंक, भ्रष्टाचार एवं दुराचार उन्मूलित हो सके |
     देश में लागू विभाजन एवं विनाश की बदनियति एवं बदनीति उन्मूलित हो सके तथा देश में संगठन एवं विकास की नेकनियति व नेकनीति क्रियान्वित हो सके जिससे कि सभी का जीवन अपराधमुक्त एवं रोजगारयुक्त संस्कारवान, समानतावान एवं शांतिवान सुखमय व्यतीत हो सके |


आकांक्षा सक्सेना
ब्लॉगर 'समाज और हम'

Monday, November 7, 2016

रोमांटिक प्रेम गीत.......



भीगा प्रेम गीत

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होठों से दस्तक
आँखों से शरारत
मंहगी न पड़ जाये
हाय! ये तेरी नजाकत
इश्क है माया है, इश्क है साया, 
इश्क नशा है, इश्क हवा है, 
सबको ये खुमार चढ़ा है

इश्क है तू मेरा इश्क है तू
तू ही जुनू और तू ही सुकूँ
भीगा बदन ये तेरा
उफ! ये शरसराहट
मंहगी न पड़ जाये
हाय! तुझे मेरी शराफत
इश्क वफा है इश्क सजा है 
सबको ये हासिल न हुआ है
इश्क में फैल तू इश्क में पास है
यहाँ डिग्री नहीं, चलते जज्बात हैं

इश्क है तू मेरा इश्क है तू
दिल भी तू मेरी रूह भी तू
प्यार से छूना तेरा
ये कातिल मुस्कुराहट
मंहगी न पड़ जाये
हाय! ये रात और ये हालत
इश्क भी तू है इश्क भी हम हैं 
जिंदगी में अब नहीं कोई गम है
जी लेते हैं आज इश्क को, 
कल की मेरी जॉन किसको खबर है
  
इश्क है तू मेरा इश्क है तू
तू भी मैं और में भी तू
इश्क है तू मेरा इश्क है तू.........




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Written by
Blogger Akanksha Saxons

प्रेम गीत : गीत का नाम इश्कफैमियां....




इश्कफैमियाँ गीत

दिल की जमीं पे बनायीं 

कब्रगाह अपनी

दफन है इसमें मेरी यादें जख्मीं

आ जा कहीं से तू..एक बार सोढियाँ

दे मुझे आकर फिर से वो दर्दफैमियाँ

तेरे मेरे दरमयां हों इश्कफैमियाँ....



खण्ड्हर से भी गुजरती ठण्डी हवायें

तू भी मुझमें गुजर ले के इश्क की वफायें

आ जा कहीं से तू एक बार सोढ़ियाँ

दिखा जा फिर से वो ख्वाबफैमियाँ

तेरे मेरे दरमयां हों इश्कफैमियां...



मेरे जिस्म से झांकती हैं रूह की निगाहें

तूने तोड़ा ऐसे बची नहीं आहें

फिरभी, आजा कहीं से एक बार सौढ़ियाँ

लूट ही ले आकर मेरी ये खुशफैमियाँ

तेरे मेरे दरमयां हों शायद इश्कफैमियाँ



इश्कफैमियाँ हो.. इश्कफैमियाँ....हो

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Written by
 Blogger Akanksha Saxena
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हाल ही में समाचारपत्रों में प्रकाशित लेख....


















.....धन्यवाद....