Wednesday, August 31, 2016

अब नीति आयोग होगा सख्त और सक्रिय :






अब होगा भारत का नीति आयोग सक्रिय
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भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रनाथ दामोदरदास मोदी जी भारतीय जनजीवन का सृजनशील कायाकल्प पूरी तरह से करना चाहते हैं | वे भारतीय जनजीवन को पूरी तरह से अनुशासित, शिक्षित, संगठित, अपराधमुक्त, रोजगारयुक्त, गोरवशाली , प्रतिभाशाली, मर्यादाशाली , सृमद्धिशाली, वैभवशाली , विकासशील एंव शक्तिशाली बनाना चाहते हैं | उन्हें यह तथ्य भलींभांति मालूम है कि भारतीय जनजीवन को अपराधमुक्त एंव रोजगारयुक्त किये बिना सभी का साथ व सभी का विकास सम्भव नहीं | यही तथ्य उन्होनें देश के नीति आयोग टीम के प्रत्येक नीतिकार को भलींभांति समझायी है | लिहाजा देश के नीति आयोग टीम प्रत्येक नीतिकार को चाहिये कि वह नेकनियति व नेकनीति के तहत अपनी नेक व एक योजना भारतीय जनजीवनहित में व उसके न्यायहित में ऐसी बनायें जिसके तहत भारत के प्रत्येक विवाहित, अविवाहित व मृतक भारतीय नागरिक को उसके विवाह, जन्म व मृत्यु का पंजीकरण, बीमाकरण व लाईसैंसीकरण का प्रमाणपत्र व पहिचानपत्र अनिवार्य एंव परमावश्यकरूप से प्राप्त हो और यह दस्तावेज भारतीय नागरिकों के पहिचान के सभी प्रकार के राजनीतिक समाजी सरकारी व मतकारी, आर्थिक समाजी अर्धसरकारी व कर्मचारी एंव सामाजिक समाजी निजीकारी व श्रमकारी दस्तावेजों में अनिवार्य एंव परमावश्यकरूप से दर्ज हो जिससे कि प्रत्येक भारतीय नागरिक का तीनों प्रकार का भारतीय जनजीवन वैधानिक, संवैधानिक व कानूनीरूप से भारतीय उत्तराधिकारित, राष्ट्रीय मानवाधिकारित एंव भारतीय सर्वोच्च निर्णायक निर्विवादित पूरी तरह से अपराधमुक्त हो | जिससे कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को अपने जीवन का सृजनशील उद्धेश्य पूरा करने हेतु उसे उसकी इच्छा व योग्यतानुसार बिना किसी बाधा के समान सरकारी व मतकारी व अर्धसरकारी व कर्मचारी एंव निजीकारी व श्रमकारी आजीविका व पैंसन तथा समान बुनियादी सेवायें व सुविधायें अनिवार्य एंव परमावश्यकरूप से प्राप्त हों तथा ये नागरिक पूरी तरह से रोजगारयुक्त हों | प्रधानमंत्री जी के विजन को पूरा करने हेतु इस नेक व एक योजना के क्रियान्वयन के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं | भारत में संसाधनों की कमी नही, कमी है सिर्फ नेक नियत व नेक नीति के कुशल योजनाकारों की | भारत के प्रधानमंत्री जी ने जो दिशा निर्देश भारत के नीति आयोग की टीम को दिये हैं वे प्रासांगिक, साहसिक व स्वागतयोग्य है | इस सिस्टम से देश की अदालतों में करोड़ो विचाराधीन मामले तुरन्त निर्णीत होगें और देश में दस्तावेजी लावारिस निरीह असहाय पशु पक्षियों की भांति मानव तस्करी नहीं होगी|


आकांक्षा सक्सेना
ब्लॉगर समाज और हम
सह संपादक सत्य की दस्तक
विशेष संवादाता आमजा भारत न्यूज पोर्टल



Tuesday, August 30, 2016

बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ



बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और उसे आत्मनिर्भर बनाओ|

Help is God
God is Help


Written by AKANKSHA SAXENA










हाल ही प्रकाशित लेख...



   प्रकाशित लेख
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Article link

ऐसे हो भारत का कायाकल्प: भारत कायाकल्प
http://www.shramjeevijournalist.com/article/india-rejuvenation-campaign/

http://www.amjabharat.com/2016/08/6_28.html
लखनऊ, आकांक्षा सक्सेना  - देश के नीति आयोग की ओर से आयोजित "भारत परिवर्तन व्याख्यान" में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रनाथ दामोदरदास मोदी जी ने कहा कि "भारत को अब क्रमिक विकास की नहीं कायाकल्प की जरूरत है"| परन्तु यह सम्भव होगा कैसे ? हमारे विचार से भारत के कायाकल्प के लिये भारतीय जनजीवन को

http://emedialivemp.jimdo.com/क-ष-त-र-य-सम-च-र/

नागदा समाचार - 26-08-2016
















Friday, August 26, 2016

ऐसे हो भारत का कायाकल्प :





भारत कायाकल्प अभियान  :

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'अपराधमुक्त एंव रोजगारयुक्त भारत'


देश के नीति आयोग की ओर से आयोजित "भारत परिवर्तन व्याख्यान" में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रनाथ दामोदरदास मोदी जी ने कहा कि "भारत को अब क्रमिक विकास की नहीं कायाकल्प की जरूरत है"| परन्तु यह सम्भव होगा कैसे ? हमारे विचार से भारत के कायाकल्प के लिये भारतीय जनजीवन को अपराधमुक्त एंव रोजगारयुक्त किया जाना भारतीय जनजीवनहित में व उनके न्यायहित में अनिवार्य एंव परमावश्यक है | इसके लिये देश में राष्ट्रव्यापी " राष्ट्रीय अपराध मुक्तता एंव रोजगार युक्तता भारतीय कायाकल्प अभियान" संचालित एंव क्रियांवित किया जाना जरूरी एंव आवश्यक है | देश की मूल चिन्ता यह है कि देश अपराधमुक्त हो और देश की मूल जरूरत यह है कि देश रोजगारयुक्त हो | इसके लिये देश के प्रत्येक विवाहित एंव अविवाहित एंव मृतक भारतीय नागरिक को उसके विवाह, जन्म व मृत्यु का पंजीकरण, बीमाकरण व लाईसैंसीकरण का प्रमाणपत्र एंव इन नागरिकों को इनका डी .एन .टेस्ट रिपोर्ट सहित दिया जाना तथा इसे भारतीय नागरिकों के सभी प्रकार के दस्तावेजों में दर्ज किया, कराया व करवाया जाना अनिवार्य एंव परमावश्यक है | जिससे की इन नागरिकों का तीनों प्रकार का भारतीय जनजीवन वैधानिक, संवैधानिक व कानूनीरूप से भारतीय उत्तराधिकारित, राष्ट्रीय मानवाधिकारित एंव भारतीय सर्वोच्च निर्णायक निर्विवादित अपराधमुक्त हो सके और प्रत्येक भारतीय नागरिक को अपने जीवन का सृजनशील उद्देश्य पूरा किये जाने हेतु उसे उसकी इच्छा व योग्यतानुसार बिना किसी बाधा के समान सरकारी व मतकारी, अर्धसरकारी व मतकारी एंव निजीकारी व श्रमकारी आजीविका व पैंसन तथा समान बुनियादी सेवायें व सुविधायें अनिवार्य एंव परमावश्यकरूप से प्राप्त हो सकें जिससे कि प्रत्येक भारतीय नागरिक रोजगारयुक्त हो सके | इस कार्य के लिये देश की विधायिका व शासन के, कार्यपालिका व प्रशासन के एंव कानूनपालिका व अधिशासन के मुखिया लोगों को तथा न्यायपालिका के सर्वोच्च मुख्य न्यायाधीश एंव देश की सभी समाजसेवी संस्थाओं के लोगों को तथा देश के सभी प्रिंट एंव इलेक्ट्रॉनिक मीडियाकारों को व देश के प्रत्येक जागरूक न्यायप्रिय नागरिक को संगठन एंव विकास की नेक नीयति व नेक नीति के तहत एकजुट होकर कार्य करना चाहिये तभी माननीय प्रधानमंत्री जी का भारत कायाकल्प अभियान पूर्णरूप से सफल होगा | क्योंकि इमली के पेड़ को स्वस्थ रखने के लिये इमली के पेड़ की जड़ का पुख्ता इलाज किया जाना जरूरी है | जैसे कि कुछ लोग डाल- डाल, कुछ लोग पात- पात परन्तु हम 
जड़-जड़ |



आकांक्षा सक्सेना
ब्लॉगर 'समाज और हम'
सहसंपादक 'सच की दस्तक' मैग्जीन
विशेष संवादाता आमजा इंडिया न्यूज पोर्टल



Thursday, August 25, 2016

श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष :






क्यों लिया भगवान श्री कृष्ण ने 

             जन्म ?

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इस देश में दूसरों के तन- मन व धन के लालची चुगलखोर गद्दारों की, देश के दुश्मनों की व इस देश को अपने व विदेशियों का गुलाम बनाये जाने वालों की कमी कभी नहीं रही है | ये वे लोग हैं जो स्वंय में कानूनविद् , पूंजीपति एंव सत्तासीन है जिन्होंने  अपनी विभाजन एंव विनाश की बदनियति एंव बदनीति के तहत इस देश को हजारों वर्षों तक अपना एंव विदेशियों का गुलाम बनाकर रखा है अन्यथा यह देश डचों, पुर्तगालियों , यूनानियों , मुगलों एंव ब्रिटिश के अंग्रेजों का एंव इनका गुलाम न होता | ऐसे ही स्वदेशी गद्दारों से इस देश की आंतरिक एंव बाहरी शांति, सुरक्षा व संरक्षा को हमेसा ही खतरा रहा है और वर्तमान में भी है | ये वे आस्तीन के सांप स्वदेशी गद्दार है जिन्होंने इस देश को अपराधयुक्त एंव रोजगारमुक्त बनाया है | ऐसे ही गद्दारों का विभाजन ( वध ) एंव विनाश करने के लिये भगवान श्री कृष्ण चन्द्र बासुदेव जी ने इस धरती पर जन्म लिया और ऐसे ही आस्तीन के सापों गद्दार लोगों का महाभारत के युद्ध में इनका वध एंव विनाश किया | देश को ऐसे ही भारतीय सर्वोच्च मुख्य न्यायाधीश की जरूरत है जो देश के प्रत्येक विवाहित जन्में , मृतक नागरिक से उनके पहिचान के सभी प्रकार के दस्तावेजों में इन दाखिल खारिज नागरिकों से भारतीय नागरिकों के विवाह जन्म व मृत्यु के पंजीकरण , बीमाकरण व लाईसैंसीकरण के अधिनियमों का अनुपालन अनिवार्य एंव परमावश्यक रूप से करवायें तथा इन दस्तावेजों में अनिवार्य रूप से इनका डी .एन .ए टेस्ट भी दर्ज करवायें तथा इस देश के प्रत्येक वफादार नागरिक को अपने जीवन का श्रजनशील उद्देश्य पूरा करने के लिये उन्हें उनकी इच्छा व योग्यतानुसार बिना किसी बाधा के सरकारी व मतकारी , अद्धसरकारी व कर्मचारी एंव निजीकारी व श्रमकारी आजीविका व पैंसन तथा समान बुनियादी सेवायें व सुविधायें अनिवार्य एंव परमावश्यक रूप से प्राप्त करवायें तथा इन नागरिकों को अपराधमुक्त एंव रोजगारयुक्त बनायें |
        इस देश को नहीं चाहिये ऐसे लोग जो बंदरो के समान स्वभाव से स्वच्छंद एंव उदण्ड व गुंड , अशांति , असुरक्षा व असंरक्षा फैलाने वाले , आतंक भ्रष्टाचार व दुराचार फैलाने वाले व व्यभिचार , बलात्कार व जनसंख्या वृद्धि कर दूसरों का माल अपनी बंदर घुड़की के तहत छीन कर खाने वाले , दूसरों को नोंच कर काट कर खा जाने वाले, अपने ही मरे  को नोंच -काट के खा जाने वाले , बृक्षों का विनाश एंव पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले, वातावरण में संक्रामक रोग फैलाने वाले  किसी भी काम न आने वाले तथा विभाजन एंव विनाश करने , कराने व करवाने वाले ऐसे गद्दार लोगों की देश को कतई जरूरत नही है | इस देश को ऐसे सभ्य लोगों की जरूरत है जो देश को संगठित एंव विकासशील तथा अपराधमुक्त एंव रोजगारयुक्त बनायें |
      ऐसे ही देशद्रोहियों एंव अन्यायियों का वध एंव विनाश करने के लिये ही भगवान श्री कृष्ण चन्द्र बासुदेव जी ने इस धरती पर जन्म लिया है और उन्होंने कहा है कि जब - जब इस धरती पर अन्याय होगा तब - तब मुझे किसी न किसी रूप में आना ही है |


आकांक्षा सक्सेना
ब्लॉगर समाज और हम
सह संपादक 'सच की दस्तक' मैग्जीन
विशेष संवादाता आमजा न्यूज पोर्टल


आप सभी मित्रों का श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई |


Wednesday, August 24, 2016

सवा सौ करोड़ भारतीयों की चिंता एंव जरूरत व उसका निराकरण :



सवा सौ करोड़ भारतीयों की चिंता एंव जरूरत व उसका निराकरण  :



सवा सौ करोड़ भारतीयों की चिंता एंव जरूरत ये है कि उनके पहिचान के सभी प्रकार के दस्तावेजों में दाखिल एंव खारिज उनका विवाहित, अविवाहित (जन्मा )एंव मृतक जीवन पंजीकृत वैधानिक, बीमाकृत संवैधानिक एंव लाईसौंसीकृत कानूनी, भारतीय उत्तराधिकारित, राष्ट्रीय मानवाधिकारित एंव भारतीय सर्वोच्च निर्णायक निर्वाविवादित अपराधमुक्त अनिवार्य एंव परमावश्यक रूप से दर्ज हो तथा उन्हें अपने जीवन का श्रजनशील उद्धेश्य पूरा किये जाने हेतु उनकी इच्छा व योग्यतानुसार बिना किसी बाधा के समान सरकारी व मतकारी, अर्धसरकारी व कर्मचारी एंव निजीकारी व श्रमकारी आजीविका व पैंसन तथा बुनियादी सेवायें व सुविधायें अनिवार्य एंव परमावश्यकरूप से प्राप्त हों और वे रोजगारयुक्त हों और न्याययुक्त हों |
    यह काम देश के माननीय सर्वोच्च मुख्य न्यायाधीश , केन्द्रीय संघ सरकार के मुखिया, देश की सभी समाजसेवी संस्थाओं एंव देश के सभी प्रिन्ट एंव इलेक्ट्रानिक मीडिया को व्यक्तिगत दिलचस्पी एंव पारदर्शिता से राष्ट्र के पुर्निमाण के लिये करना चाहिये तथा राष्ट्र में राष्ट्रव्यापी

" राष्ट्रीय अपराधमुक्तता एंव रोजगार युक्तता जागरूकता अभियान " 


संचालित कर इस नेक व एक योजना को क्रियान्वित करना चाहिये | राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिये राष्ट्र के प्रत्येक वफादार भारतीय राष्ट्रीय निजिश्रमसेवी नागरिक को मरने से पूर्व दौरान में कोई नेक व एक ऐसा कार्य करना चाहिये कि यह देश, दुनिया व परमात्मा सदैव उसकी याद करे |
 प्रत्येक वफादार नागरिक को मरने से पूर्व ऐसा कोई एक व नेक काम करके मरना चाहिये ताकि यह देश , दुनिया व परमात्मा उसकी सदैव याद करे |



आकांक्षा सक्सेना
ब्लॉगर समाज और हम
सह संपादक सच की दस्तक मैग्जीन
विशेष संवादाता आमजा न्यूज पोर्टल
राष्ट्रीय सचिव ऑल इंडिया कायस्थ महासभा