Sunday, December 30, 2012






।।हर घर में  बेटी है और हर चौहराहे पर बहशी है ।।

आज जो माहोल हम देख रहें है वो शायद ही कभी हो होगा ।ये जो 

दरिंदगी दिखाई गई है इसकी सजा मौत से कहीं बढ़ कर मिलनी चाहिए ।

ये तभी रुकेगा जब तंत्र  हो सरकारी तंत्र  हो सुधरे ।

ये तभी रुकेगा जब पुलिस जनता की मित्र बने ।

ये तभी रुकेगा जब देश में हर मंडल में सर्वोच्च न्यायालय  हो ।

ये तभी रुकेगा जब हर जिले में उच्च न्यायालय हो ।

ये तभी रुकेगा जब हर जिले में दो फांसी घर हों ।

ये तभी रुकेगा जब देश में एक सशक्त लोकपाल हो और सजा सभी के 

लिए समान हो ।

ये तभी रुकेगा जब दागी मंत्री,दागी कर्मचारी तुरंत बर्खास्त हों और उनको 

सजा मिले|

ये तभी रुकेगा जब दागी लोगों को कोई सम्मान जनक उच्च पद के लिए 

टिकट न दिया जाये ।

ये तभी रुकेगा जब एक साफ़ सुथरी ईमानदार छवि का व्यक्ति ही नेता 

बने और देश की बाग़ डोर संभाले ।

ये तभी रुक सकता जब देश के सभी बेरोजगारों को रोजगार मिले क्यूंकि 

बेकारी के कारण,भूक के कारण मनुष्य पाप करने पर विवश है ।

ये तभी रुकेगा जब सरकारी स्कूल पर भी ध्यान दिया जाए ।वहां शिक्षा 

की गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता है । प्रश्न उठता है की आज 

कोई बड़ा अधिकारी -कर्मचारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में क्यों 

नही पढने भेजता ? अगर सरकारी प्राथमिक,उच्च प्राथमिक स्कूल भी 

आधुनिक 

व्यवस्था से पूर्ण हों जिनमें सभी बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें ।

ये तभी रुकेगा जब महिलाओं का सम्मान सामाजिक,नैतिक और देश

 स्तर पर हो ।

ये तभी रुकेगा जब कानून में संसोधन हो कि समय सीमा निर्धारित की 

जाए कि ये अमुख मुकदमा एक महीने के अन्दर निपटना आवश्यक है ।

आप सभी ने देखा होगा कि दो पीड़ियाँ गुजर  जाती है और न्याय नही 

मिलता और जब मिलता भी है तो अमुक इंसान दुनिया से जा चुका होता है ।

और न्याय भी सस्ता मिले एक तो आदमी बर्बाद हो चुका है तभी वो 

न्यायालय की शरण मैं आया है अब वो झोला भर के नोट कहाँ से लाये ।

और रोज़ रोज़ कचहरी कैसे आये जाए ? इस ओर भी ध्यान दिया जाये ।

ये तभी रुकेगा जब सचमुच मानसिकता में परिवर्तन हो ।

ये तभी रुकेगा जब समाज में अश्लील फिल्में आना बंद हो,अश्लील टीवी 

विज्ञापन बंद हों । ये आधुनिक कारों गाड़ियों के प्रचार में अर्द्धनग्न 

लड़कियों को दिखाना बंद हो ।

ये तभी रुकेगा जब समाज में जगुरुकता आये ।

आदरणीय एक प्रश्न उठता है हमारे दिल में कि जो कुछ लोग इतनी 

कडाके के ठण्ड में सड़कों पर पड़े है भूके,अर्धनग्न अवस्था में,सरकारी 

योजनायें उन गरीबों तक क्यों नहीं पहुँचती ?
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आकांक्षा सक्सेना 

जिला -औरैया 

उत्तर प्रदेश 

http://akaksha11.blogspot.com

Sunday, December 23, 2012


     ..............................क्यूँ ?
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                 क्यूँ ?
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नामुमकिन नहीं दुनिया में जो कुछ इंसान ने चाहा है 


मजबूत इरादे और खादी से देश को आजाद कराया है 


नामुमकिन नही दुनिया में जो कुछ इंसान ने चाहा है 

गंगा को धरती पर लाया भागीरथ से प्रभु भी हारा है 


नामुमकिन नही दुनिया में जो कुछ इंसान ने चाहा है 

शून्य देकर भारत ने दुनिया को गणित सिखाया है 


नामुमकिन नही दुनिया में जो कुछ इंसान ने चाहा है 

चन्द्र मंगल ग्रह पर जा पहुंचा किस्सों को सच बनाया है 


नामुमकिन नही दुनिया में जो कुछ इंसान ने चाहा है 

गंगा उदास गौ व्याकुल इंसानियत पर प्रश्नचिन्ह लगाया है 


नामुमकिन नही दुनिया में जो कुछ इंसान ने चाहा है 

देश के अथक प्रयासों को सारी दुनिया ने सराहा है 


नामुमकिन नही दुनिया में जो कुछ इंसान ने चाहा है 

नशामुक्त हो भारत अपना ये सपना क्यूँ हरा है 


नामुमकिन नही दुनिया में जो कुछ इंसान ने चाहा है 

ये प्लास्टिक बना कर क्यूँ इंसा अपने अविस्कार से हरा है 


नामुमकिन नही दुनिया में जो कुछ इंसान ने चाहा है 

आज पूरे देश मैं क्यूँ आक्रोश का बादल छाया है 

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आकांक्षा सक्सेना 
जिला - औरैया 
उत्तर प्रदेश 



Saturday, December 22, 2012









                हे ! नाथ
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नाथों के नाथ 
ओ!श्याम मनोहर 
भक्तों की तुम 
फटकार सुनो 
वो बुरा भी बोले
तो बुरा सुनो 
वो गुस्से से उबलें
वो भी सहो 
बस तुमसे मीठी सी 
एक गुजारिस है नाथ 
तुम प्रेम प्रभु हो 
बस प्रेम करो 
हम मूरख है 
हम पागल हैं 
तेरी भक्ति मैं 
प्रभु घायल हैं  
जो दर्द भी 
तेरी भक्ति मैं 
तो उस दर्द के 
प्रभु हम कायल हैं ।।
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आकांक्षा सक्सेना 
जिला - औरैया 
उत्तर प्रदेश 








गुरु अनंत गुरु कृपा अनंत 
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यह शब्द हम सभी धर्मों मैं अवतार लेने वाले महान 

आत्माओं एवं संत-महात्मा,ऋषि-मुनियों को समर्पित 

करते है जिन्होंने अपना जीवन 

समाज को देश को सम्पूर्ण मानवता को समर्पित कर 

दिया। उन सभी महान आत्माओं को हम सादर प्रणाम 

करते हैं ।

।।सत्य परेशान हो सकता है पर हार नही सकता ।।

गुरुवर तेरी कृपा से 
काम बन रहे हमारे 
बिन बादलों के गुरुवर 
बारिश सी हो रही है 
हृदय मैं अनंत दीपों की 
जगमग सी हो रही है 
अब और क्या बताऊँ 
ये दुआ तेरी फल रही है 
जो सोचती हूँ भगवन 
हो जाता है वही सब 
मेरी ख़ुशी का ना ठिकाना 
तू खुशियों का है खजाना 
गुरुवर तेरी कृपा से 
काम बन रहे हमारे 
सपनों की कलियाँ खिलीं 
फूल खिल गये हजारों 
अब और क्या बताऊँ 
आपसे क्या छिपा है 
सब कुछ ही जान जाते 
आँखों से राज़ सारे 
गुरुवर तेरी कृपा से 
काम बन रहे हमारे 
क्या आपका आशीर्वाद 
दर्शन सहित मिलेगा 
क्या मुझ दीन को 
आपका स्नेह मिलेगा 
आकांक्षा है यह हमारी 
मर्ज़ी है बस तुम्हारी 

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आकांक्षा सक्सेना 
जिला - औरैया 
उत्तर प्रदेश 
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Friday, December 21, 2012




India must now judge Mr. President of the now world crown for India only but also for justice is Fmus. Has proposed a longer feel the pain of the country and have a big change, please give us a stern law.

Listen to the country you are calling ....
      
The whole country is watching you ..

Akanksha Saxena
District Auraiya
Uttar pradesh






Kaam சே தேரி guruvar krapa டயர்கள்
ரஹே hamare பின் badlon guruvar si ஹோ ரஹி ஹே பாரிஷ் hrady நாடகம் AnnT deepon கி ஹோ ரஹி ஹை AB அவுர் க்யா bataun Duaa ரஹி ஹே ஜோ தேரி fal Sochati bhgvan ஹோ jata HUN vhi ஹை மேரி சப் கா khushiyon Thikana khushiyon கா தூ ஹாய் கி khajana சப்னான் jagmag khili பூல் kaliyan Khil gae அவுர் AB க்யா hajaron bataun aapse க்யா ஹை சப் குச் Chipa ஜான் jate வணக்கம் ஆன்கோன் தேரி guruvar ராஸ் krpa பில்லியன் Kaam சே ரஹே hamare கியா Aashirvad Aapka க்யா முஜ் milyega sahit தரிசனம் கோ தீன் Aapka esneh milyega அகாங்க்ஷா Hamari ஹை நீங்கள் ஹை marzi பங்கிடுதல் வேண்டும் வேலைப்பாட்டு தும்ஹாரி.

அகாங்க்ஷா சக்சேனா
JILA Auraiya உத்தர பிரதேசம்
இந்தியா










గురు అన్నట్ గురు కరప అన్నట్ అన్నట్ 
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గురువర్ తేరి కరప సే కామ్ బాన్ రహే హమరే 
బిన బద్లోన్ కె గురువర్ బారిష్ సి హో రహి హాయ్ 
హ్రదయ మెయిన్ అన్నట్ దీపాన్ కి జగ్మగ్ సి హో రహి హాయ్ 
అబ్ ఆర్ క్యా బతున్ దుఆ తేరి ఫల రహి హాయ్ 
జో శోచతి హుం భగవాన్ హో జత హాయ్ వహి సబ్ 
మేరి ఖుషి క న తికన 
తు ఖుశియోన్ క హాయ్ ఖజానా 
గురువర్ తేరి కరప సే కామ్ బాన్ రహే హమరే 
సప్నోన్ కి కలియాన్ ఖిలిన్ 
ఫూల్ ఖిల్ రహే హాజరోన్ 
అబ్ ఆర్ క్యా బతున్ 
ఆపసే క్యా చిప హాయ్ 
సబ్ కుచ్ హాయ్ జాన్ జాతే 
ఆన్ఖోన్ కె రాజ్ సరే 
గురువర్ తేరి కరప సే కామ్ బాన్ రహే హమరే 
క్యా ఆప్క ఆశిర్వాద్ దర్శన సాహిత్ మిలఎగా 
క్యా ముఝ్ దీన్ కో ఆప్క ఎశ్నెహ్ మిలఎగా 
ఆకాంక్ష హాయ్ ఏ హమరి 
మార్జి హాయ్ బస్ తుమ్హారీ 
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ఆకాంక్ష సక్షెన 
జిల -ఆరియ 
ఉత్తర ప్రదేశ్ 
19 డిశంబర్ 2012
03:51 శాం 



..................
ఆకాంక్ష సక్షెన 

జిల -ఆరియ 
ఉత్తర ప్రదేశ్ 
19 డిశంబర్ 2012
03:51 శాం 

Wednesday, December 19, 2012





तुम्हारे देश की आत्मा 
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मेरे अन्दर जान फूंक दो,मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
शब्दों मैं शब्दों को गूँथ दो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
दुनिया से वासना को मिटा दो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
तुम्हारे देश की सभ्यता हूँ कहीं विलुप्त ना हो जाऊँ 


मेरे अंदर जान ..................... ज़िन्दा हो जाऊँ 


खुद के अंदर ही झांक लो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
सत्य को वाणी मैं बांध लो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
दिमाग से आतंक मिटा दो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
तुम्हारे देश की संस्कृति हूँ कहीं विलुप्त न हो जाऊँ 


मेरे अन्दर जान ....................ज़िन्दा हो जाऊँ 


अपने दिल की आवाज़ सुन लो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
आत्मिक आयु भी जान लो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
दुनिया को स्वयं से मिलवा दो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
दुनिया को अपना नाम बता दो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 


मेरे अंदर जान ........................ज़िन्दा हो जाऊँ 


दिनचर्या में प्रेम जोड़ दो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
दुनिया के दिलों को जोड़ दो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
मुझसे तुम अपना दर्द बाँट लो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
तुम्हारे देश की आत्मा हूँ कहीं,कहीं ना खो जाऊँ 


मेरे अंदर जान फूंक दो मैं भी ज़िन्दा हो जाऊँ 
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आकांक्षा सक्सेना 
बारपुर जिला - औरैया 
उत्तर प्रदेश 

Tuesday, December 18, 2012

नसीब






           
                                  नसीब 
                                                             
।।बड़े नसीब से इंसान मिला करते हैं वरना आज पत्थर भी बेइमान मिला करते हैं ।।






आकांक्षा सक्सेना

जिला -औरैया 
उत्तर प्रदेश 




               
                दोस्ती  
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दोस्त क्या होता है ये तुमसे मैंने जाना है 

कि,दोस्ती ना मजाक है और ना ही बहाना है ।।

तूने मेरी हर मुश्किलें निपटायीं है 
अँधेरी राहों में रोशनी दिखलायी है ।।

कौन कहता है कि मैं याद तुझे नही करती हूँ 
आज भी तेरी कमी पल-पल मुझे खटकती है ।।

उन बुरे दिनों को मैं कैसे भुला सकती हूँ 
उन यादों को मैं कैसे मिटा सकती हूँ ।।

उस ग़रीबी ने मुझे कहीं का न छोड़ा था 
उन दिनों में सभी ने मुझसे मुहँ मोड़ा था ।।

जब तू दोस्त बनके ज़िंदगी में मेरी आया था 
उसी दिन से मेरी ज़िंदगी में छाया उजाला था ।।

सच्ची दोस्ती एक तूने ही निभाई है 
मुझे जीने की राह एक तूने ही बतायी है ।।

आज दुनिया में ऐसे दोस्त कम ही मिलते हैं 
यदि मिल जायें तो किस्मत के ताले खुलते हैं ।।

तू दूर है इतना ऐसा ना मुझे लगता है 
दूर रहकर भी तू पास मेरे होता है ।।

तुझे सोचते-सोचते दिन मेरा गुज़र है 
सच कहतीं हूँ तू याद बहुत आता है ।।

यादों के सिवा बचा ही क्या है 
तेरे दर्शन बिना जीवन ही क्या है ।।

नम आँखों से बस इतना कहना है 
तू ही कृष्ण तू ही राम तू ही मेरा अपना है ।।
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आकांक्षा सक्सेना 
बाबरपुर जिला - औरैया 
उत्तर प्रदेश 

Monday, December 17, 2012

                   सत्य
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मिटा दे अपनी हस्ती को मिटा दे गुरुर की बस्ती को ।।
फिर बचेगा तू जिसे कई नाम मिल जायेंगें,हमेसा की तरह ।।

आकांक्षा सक्सेना  
जिला - औरैया 
उत्तर प्रदेश 

Friday, December 14, 2012


बोलचाल मैं गालियाँ क्यों ?


गाली भी एक फैशन है क्या ?
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आज समाज में एक बात समान है ।वो यह है,

       हर होंठ पर लाली है 
       हर जुब़ा पर गाली है 

आजकल हर दस में से आठ लोग ऐसे मिलेंगें जो गाली बिना गाली के बात करना अपनी शान के खिलाफ़ समझते हैं ।
आज गाली देना एक फ़ैशन एक स्टाइल बन गया है।आज समाज मैं देखो तो चाहे गरीब हो या मध्यमवर्गीय या रसूखदार सभी की 
बोलचाल मैं गालियों का क्रेज़ देखते ही बनता है ।

       इस विषय पर कुछ लोगों की राय यह है कि गाली आज की लाइफ स्टाइल मैं शामिल हो चुकी है ।आजकल साधारण बातचीत हो 
या फिर लड़ाई-झगड़े यहाँ तक कि आज कल कि फ़िल्में हो या गाने भी गालियों से अछूते नहीं रह गये हैं ।कुछ लोगों का मानना है कि 
बात शुरु होती भी गाली से और ख़त्म होती भी गाली से ही है ।एक व्यक्ति तो हँसते हुए बोले कि गाली तो अपुन को साली की तरह 
प्रिय है । कुछ बोले की बिन गाली के अधूरा है बातों का संसार ।

        यह सब सुनकर मेरे दिमाग मैं एक सवाल कोंधा कि ये गाली नामक घातक बीमारी हमारे ही क्षेत्र मैं फैली है या और भी कहीं ?
तो उत्तर चौकानेवाला है सुनियेगा कि इस समाज को खोखला कर देने वाली घातक बीमारी से आज पूरा देश पीड़ित है ।
हमें झटका तब लगा कि जब औरैया की बस मैं बैठे बाबरपुर आने के लिये तब बस मैं एक छोटा बच्चा जीरावटी बेचते हुए बोला 
मैडम जीरावटी ले लो और फिर गाली जो हम यहाँ लिखना उचित नही समझते गली देते बोला लेलो कमल की चीज़ है हाजमा दुरस्त 
हो जायेगा ।उसकी और एक तक देखती रह गई कि गाली बच्चों,जवान,बुजुर्ग सभी पर हावी है आज,तभी हमने उस मासूम बच्चे से कहा 
बेटा गाली क्यों देते हो लाइये दीजिये एक जीरावटी । वो छोटा बच्चा जिरावटी देते हुए बोला,'बिना गली के कोई  है क्या।'
हमने एक रुपया देते हुए कहा,' ये कहाँ से सीखी ?' वो मासूम बच्चा बड़ी मासूमियत से बोला,' आप ही लोगों से ।'
उसके इस जवाब से हम हत्प्र्म्भ रह गए । घर आकर हमने सोचा वो बच्चा सच बोला था बिलकुल सच ।
    
  हमें ताज्जुब होता है कि ये बुरे शब्द जिनका कोई अर्थ नही कोई वजूद नही फिर भी ये शब्द समाज मैं अराजकता फ़ैलाने का माद्दा रखते हैं ।और आश्चर्य की बात यह है कि ये विष घोलने वाले समाज को दूषित करने वाले शब्द आज सभी की जुबां पर मुकुट की तरह सोभायमान हैं।

     इन निराधार शब्दों से मानवीय छवि धूमिल और ख़राब हो रही है अतः अभी भी हम ना जागे तो भारतवर्ष के सुनहरे भविष्य को हम क्या दिशा देंगें ।देश का भविष्य हर देशवासी ही तय करता है तो सोचियेगा कि क्या हम इस लायक है ? 
आइयेगा आज ये वचन लें कि हम सब मिलकर इन कटु शब्दों का समाज से परित्याग करेंगें और एक स्वच्छ, 
स्वस्थ और सुन्दर समाज और सपनों सा भारत भारत बनायेंगें  ।
                  
              * जय हिन्द जय भारत *

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आकांक्षा सक्सेना 
बाबरपुर जिला - औरैया 
उत्तर प्रदेश 
14 दिसम्बर 2012
संध्या 3:40
दिन - शुक्रवार 

Tuesday, December 11, 2012




कानून के रखवालों का दर्द 

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    दर्द होता है जिसको वो दर्द की मार जानता है

    वो दवा और दुवाओं का एहसास जानता है 

कानून के  रखवालों की एक  बहुत बड़ी संख्या है  जो कि सरकारी वकील नही है ।विद्द्बना देखो की उनको एक भी पैसा पारिश्रमिक की तौर पर सरकार की तरफ से नही मिलता ।
ये सभी गैरसरकारी अधिवाक्तागण भी तो वर्षों से कानून का सेवा करते आ रहें हैं और जनता की सेवा करते आ रहें है । सरकार को इन सभी युवा और वरिष्ठ अधिवक्ताओं को कुछ तो मासिक धनराशि पारिश्रमिक की तौर पर देनी चाहिए जिससे सभी गैरसरकारी अधिवाक्तागण अपनी  जीवन व्यवस्था का सुचारू रूप से क्रियान्वयन कर सके ।
हमारा सरकार से विनम्र निवेदन है की वो इस और थोडा ध्यान देने की कृपा करें ।
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आकांक्षा सक्सेना 

बाबरपुर,जिला-औरैया 

उत्तर प्रदेश